भारत महिला टीम ने कोलंबो में पाकिस्तान को 88 रन से हराया, ODI में 12-0 का रिकॉर्ड
अक्तू॰, 6 2025
जब हरलीन डोल, बल्लेबाज़ ने 46 रन बनाकर भारत महिला टीम की जीत में अहम योगदान दिया, तो इस जीत का मतलब सिर्फ 88‑रन नहीं, बल्कि महिला ओडीआई में पाकिस्तान के खिलाफ 12‑0 का निरंकुश रिकॉर्ड था। यह जीत ICC महिला विश्व कप 2025कोलंबो के छठे खेल में आर. प्रेमा डासा स्टेडियम में हुई। भारतीय टीम ने 247 रन बनाकर पहले पंक्ति पर दबाव बना दिया और पाकिस्तान को 159 पर सीमित कर दिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और भारत‑पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता
भारत और पाकिस्तान के बीच महिला क्रिकेट का रिश्ता 1997 से शुरू हुआ, लेकिन 2006‑07 में भारत ने पहली बार पाकिस्तान को 80 रन से हराया। तब से दोनों पक्षों ने मिल‑जुल कर 12 ओडीआई खेली हैं, जिनमें भारत ने लगातार जीत हासिल की। पिछले प्रमुख मुकाबले में 2013 के विश्व कप, कटक में भारत ने 6 विकेट से जीत दर्ज की थी। इस परिप्रेक्ष्य में कोलंबो का मैच केवल एक जीत नहीं, बल्कि दो देशों के बीच जीत‑हार के ग्राफ़ में एक लंबी सीधी रेखा बनाता है।
मैच की मुख्य घटनाएँ
पहले बल्लेबाजी के लिए पाकिस्तान महिला टीम ने टॉस जीत कर पहले बॉलिंग का विकल्प चुना। भारतीय ओपनर स्मृति मंडाना ने 23 रन बनाए, जबकि प्रतीका रावाल ने 31 रन पर 48‑रन की साझेदारी बनाई। जब तक कप्तान हरमनप्रीत कौर का आउट होना नहीं था, तब तक मध्य ओवर थोड़ा तनावपूर्ण रह गया।
क्रमिक विश्लेषण के बाद रिचा घोष ने तेज़ी से 35 रन जोड़कर कुल स्कोर 247/10 तक पहुंचा। इसके अलावा, डीएना बैग ने चार विकेट लेकर भारत की स्कोरिंग को सीमित किया, लेकिन उनका स्वयं का आउट होना (हर्मनप्रीत कौर के सीधे हिट से) टीम को छोटा सा झटका दे गया। भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम ओवर में उलझन भरा एक फील्डिंग मिस्टेक देखा, जहाँ विकेट‑कीपर और पॉइंट फील्डर दोनों ने एक ही कैच की कोशिश की।
खेल के बीच में एक अजीब बाधा आई – मैदान पर कीटों की मौजूदगी के कारण फ्यूमिगेशन (धूआँ दमन) के कारण खेल को लगभग 5 मिनट के लिए रोकना पड़ा। प्रसंग को देख कर प्रसारणकर्ता ने जबाब दिया, “फ्यूमिगेशन ने खेल को रोक दिया! यही तो क्रिकेट है, कब क्या हो जाए।”
खास खिलाड़ी प्रदर्शन
- हरलीन डोल – शीर्ष स्कोरर, 46 रन (65 गेंदें)
- रिचा घोष – तेज़ी से 35 रन, अंतिम ओवर में रिवर्स स्कूप मारकर चार रन चुराए
- क्रांति गौड़ – 3 विकेट, महत्वपूर्ण मध्य‑ओवर ब्रेक
- दीप्ति शर्मा – 3 विकेट, निचली गति पर दबाव बना रहा
- एविस्कार साल्वी (बॉलिंग कोच) – खेल से पहले टीम की तैयारी पर टिप्पणी: “हर कोई अच्छे माहौल में है, बस ए‑गेम दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।”
पाकिस्तान के लिए डीएना बैग ने 4 विकेट लेकर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी की, लेकिन अंत में 9 रन पर सीधे हिट से रन‑आउट हो गया। बाकी पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी निराशाजनक रही, केवल 159 रन बना पाई।
‘नो‑हैंडशेक’ विवाद और उसके बाद के प्रभाव
टॉस के बाद दोनों कप्तानों – भारत की हरमनप्रीत कौर और पाकिस्तान की मनुशा बैनर – ने पारंपरिक हैंडशेक नहीं किया। यह चौथे लगातार मैच में हुआ जहां दोनों टीमों ने इस परम्परा से बचा। इस कदम को कुछ विश्लेषकों ने “राजनीतिक संकेत” माना, जबकि कई खिलाड़ियों ने इसे “व्यक्तिगत अनुशासन” बताया।
क्रिकेट विश्लेषक विनायक मोहनरंगन ने कहा, “भारत का प्रदर्शन ‘G’ या ‘H’ क्लास का था, न कि ‘A’ क्लास। तकनीकी और रणनीतिक गलतियों ने खेल को थोड़ा हिलाया, लेकिन फिर भी अपराजित रहना भारत के लिये महत्वपूर्ण था।”
भविष्य की दिशा और टीम की तैयारी
इस जीत के बाद भारत महिला टीम को अब वर्ल्ड कप के सेमी‑फ़ाइनल के लिए तैयार होना होगा। कोच एविस्कार साल्वी ने कहा कि “हमारी रणनीति अब बॉलिंग में विविधता और बैटिंग में स्थिरता पर केंद्रित है।” दूसरी ओर, पाकिस्तान को अपने बॉलिंग प्लेन को पुनः देखना होगा, खासकर फील्डिंग में तेज़ी लाने की जरूरत है।
भारत‑पाकिस्तान महिला क्रिकेट के यह प्रतिद्वंद्विता अब केवल जीत‑हार की बात नहीं, बल्कि खेल‑संस्कृति और सामाजिक संबंधों की भी झलक बन गई है। इस जीत से युवा लड़कियों में क्रिकेट के प्रति उत्साह बढ़ेगा, खासकर भारत में जहां शुरुआती स्तर पर महिला खेलों को अधिक समर्थन मिलने की आशा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत महिला टीम ने इस जीत से क्या हासिल किया?
टीम ने अपनी निरंतरता दिखाते हुए पाकिस्तान के खिलाफ 12‑विन‑0 का रिकॉर्ड कायम किया और विश्व कप में अगले चरण के लिए आत्मविश्वास हासिल किया। साथ ही यह युवा खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपने कौशल दिखाने का मौका देता है।
‘नो‑हैंडशेक’ विवाद के पीछे क्या कारण है?
यह विवाद मुख्य रूप से हाल के राजनैतिक तनाव और टीमों के भीतर अनुशासनात्मक मुद्दों से जुड़ा माना जाता है। दोनों कप्तानों ने व्यक्तिगत कारणों या टीम की रणनीति को लेकर इस कदम को उठाया, जिससे मीडिया में कई व्याख्याएँ उभरीं।
पाकिस्तान टीम के मुख्य प्रदर्शनकारियों में कौन थे?
डिया बैग ने चार विकेट लेकर सबसे प्रभावी गेंदबाज़ी की, लेकिन उनके रन‑आउट ने टीम को और कठिनाई में डाल दिया। बल्लेबाज़ी में सबसे ज्यादा 45 रन साबरीना खान ने किए, लेकिन कुल मिलाकर टीम का स्कोर 159 रहा।
आगामी मैचों में भारत को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा?
सेमी‑फ़ाइनल में टीम को एशिया की ताकतवर टीमों – जैसे ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड – के खिलाफ तकनीकी और रणनीतिक दोनों मोर्चों पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा। बॉलिंग में विविध आयंगे और बैटिंग में स्थिरता बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा।
फ्यूमिगेशन रोक का क्या असर खेल पर पड़ा?
कुल मिला कर खेल का प्रवाह थोड़ी देर के लिए बाधित हुआ, लेकिन इससे दोनोँ टीमों ने पुन: सेट हो कर अपना गेम प्लान जारी रखा। इस प्रकार की अप्रत्याशित घटनाएँ कभी‑कभी खिलाड़ियों को मानसिक दृढ़ता की परीक्षा लेती हैं।
pragya bharti
अक्तूबर 6, 2025 AT 03:53भारत की महिला टीम ने ये जीत सिर्फ स्कोर से नहीं, बल्कि लगातार जीत की मानसिकता से हासिल की है। हरलीन डोल की तेज़ शुरुआत ने टीम को दिशा दी। इसके बाद रिचा घोष ने मध्य ओवर में महत्वपूरण रन जोड़े। डीएना बैग की विकेट्स ने पाकिस्तानी बैटिंग को दमन किया। इस जीत से टीम को अगली चरण में आत्मविश्वास मिलेगा।
vicky fachrudin
अक्तूबर 17, 2025 AT 16:58यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के विकास का सर्वोत्तम प्रमाण है; निरंतर जीत का रिकॉर्ड दर्शाता है कि बुनियादी ढाँचा और कोचिंग दोनों प्रभावी हैं। खिलाड़ी‑खिलाड़ी के बीच समन्वय एकजुटता का प्रतीक है, और हरलीन डोल की 46‑रन की पारी इस बात की पुष्टि करती है। साथ ही, फील्डिंग में सुधार के लिए फ्यूमिगेशन इंटरेस्टिंग केस बना, जिससे टीम ने लचीलापन दिखाया। इस जीत से युवा लड़कियों को प्रेरणा मिलेगी, जो खेल में भागीदारी बढ़ाने में मददगार होगा।
साथ ही, कोच एविस्कार साल्वी की रणनीति ने बॉलिंग में विविधता लाई, जो आगे के मैचों में अहम साबित होगी।
subhashree mohapatra
अक्तूबर 29, 2025 AT 05:04कोलंबो का मैदान बहुत चिकना था, लेकिन पाकिस्तानी टीम की डिफेंस कमजोर रही। उनकी शुरुआती झुंझलाहट ने रन बनाने में बाधा डाली। भारतीय गेंदबाज़ों ने जल्दी टॉस जीत कर बॉलिंग का विकल्प चुनना स्मार्ट था। जबकि कुछ फील्डिंग मिस्टेक्स थोड़ी सी असुविधा लाए, पर समग्र रूप से टीम की प्लेिंग स्टाइल बेहतरीन थी।
Mansi Bansal
नवंबर 9, 2025 AT 18:09भारत की महिला टीम का यह 12‑0 का रिकॉर्ड इतिहास में अनोखा है, और यह कई कारणों से संभव हुआ। सबसे पहले, टीम की तैयारी अत्यंत व्यवस्थित थी; कोच एविस्कार साल्वी ने पहले से ही प्लान बना रखा था। हरलीन डोल ने दबाव में शांत रहकर 46 रन बनाए, जो अंडर‑पर्शन के समय में बहुत मायने रखता है। रिचा घोष की तेज़ स्कोरिंग ने मध्य ओवर में बढ़ावा दिया, जिससे टीम का रफ्तार बना रहा। स्मृति मंडाना और प्रतीका रावाल की शुरुआती साझेदारी ने बॉलिंग को असहज बना दिया।
क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा की गेंदबाज़ी ने मध्य ओवर में प्रमुख विकेट्स ली, जिससे विपक्षी टीम के स्कोरिंग में रुकावट आई। डीएना बैग की उल्लेखनीय 4 विकेट ने पाकिस्तान को सीमित किया, लेकिन उनका स्वयं का रन‑आउट एक छोटी सी चूक थी। फ्यूमिगेशन की वजह से खेल में थोड़ी देर रुकावट आई, पर यह टीम की मानसिक दृढ़ता को परखने का एक मौका बना।
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी ने मैदान पर रणनीतिक बदलाव किए, जिससे बॉलर्स को सही दिशा मिली। टीम की फ़ील्डिंग में सुधार दर्शाया गया, विशेषकर अंतिम ओवर में दो फील्डरों की समन्वयता से एक अतिरिक्त रन बचा। इस जीत से टीम को आत्मविश्वास मिला, जो सेमी‑फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ आवश्यक होगा।
इसके अलावा, यह जीत भारतीय महिला खेल संस्कृति को मजबूत करेगी, और युवा लड़कियों को क्रिकेट में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। अंत में, निरंतर जीत की इस लहर को बनाए रखने के लिए बॉलिंग में विविधता और बैटिंग में स्थिरता पर ध्यान देना आवश्यक है।
ajay kumar
नवंबर 21, 2025 AT 07:15बिलकुल शानदार जीत, टीम ने दिखा दिया है कि सटीक प्लानिंग से क्या हासिल किया जा सकता है।
Rohit Bafna
दिसंबर 2, 2025 AT 20:20अब हमें और ऐसी जीतों की उम्मीद है।
Minal Chavan
दिसंबर 14, 2025 AT 09:26यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के विकास में एक मील का पत्थर है। टीम की सामूहिक मेहनत और कड़ी प्रशिक्षण ने इस परिणाम को प्राप्त किया। इस जीत से राष्ट्रीय स्तर पर महिला खेलों की पहचान और सशक्त होगी।
Nathan Rodan
दिसंबर 25, 2025 AT 22:31कुल मिलाकर टीम ने रणनीति, फील्डिंग और बैटिंग में संतुलन दिखाया। हरलीन और रिचा ने आवश्यक रन बनाकर खेल को अपने पक्ष में मोड़ दिया। बैट्समैन की शुरुआती साझेदारी ने शुरुआती दबाव को कम किया। बॉलिंग यूनिट ने कमर कसकर पाकिस्तान को 159 पर सीमित किया, जो उनका लक्ष्य था। अब अगला लक्ष्य सेमी‑फ़ाइनल है, जहाँ हमें और भी कठिन प्रतियोगिता का सामना करना पड़ेगा।
KABIR SETHI
जनवरी 6, 2026 AT 11:37भारत की टीम ने दिखा दिया कि निरंतरता और आत्मविश्वास से बड़े लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है। हर खिलाड़ी ने अपनी भूमिका निभाई, और यही जीत का मुख्य कारण है।