IMD: उत्तर भारत में आंधी, राजस्थान-MP में गर्मी; 24-26 मई का मौसम
मई, 24 2026
कल्पना कीजिए कि एक ही देश में दो अलग-अलग जहन्नुम चल रहे हों। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 24 मई 2026 को जारी अपने ताजा बुलेटिन में एक ऐसी ही जटिल स्थिति का वर्णन किया है। उत्तर भारत में तूफानी आंधी और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है, जबकि पश्चिम में राजस्थान और मध्य प्रदेश अभी भी भयंकर ऊष्मा लहर (Heat Wave) से जूझ रहे हैं। यह केवल मौसम बदलाव नहीं है; यह जानलेवा स्थिति हो सकती है यदि सावधानियां न बरती जाएं।
डिब्बी-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार में दोपहर के बाद मौसम तेजी से बदलने की संभावना है। वहीँ, डॉ. नरेश कुमार, विज्ञानि-एफ of भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी तो दूसरे में धूल की आंधी हो सकती है। यह असंगति लोगों को उलझन में डाल रही है।
उत्तर भारत में तूफानी मौसम: क्या अपेक्षित है?
24 मई को दोपहर के बाद से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादलों का संचार शुरू हो गया है। IMD के अनुसार, इन क्षेत्रों में 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। लेकिन यहीं पर कहानी मुड़ती है। दिल्ली से लेकर बिहार तक फैले क्षेत्रों में हवाओं की गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
इसका मतलब है कि पेड़ टूट सकते हैं, बिजली की तारें छूट सकती हैं और यातायात ठप हो सकता है। विशेष रूप से शाम के समय, जब तापमान में अचानक गिरावट आए, तब चमक-गरज के साथ बारिश की संभावना अधिक है। हालांकि, IMD ने दिल्ली के लिए वर्षा संबंधी 'ग्रीन जोन' (सामान्य स्थिति) बनाए रखी है, लेकिन हवाओं के कारण दृश्यता कम हो सकती है, जिससे ड्राइवरों के लिए मुश्किलें पैदा होंगी।
पश्चिम में आग की लपेट: ऊष्मा लहर जारी
जबकि उत्तर में बारिश की तैयारी है, पश्चिम में लोग गर्मी से बेहाल हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में ऊष्मा लहर की चेतावनी 26 मई 2026 तक प्रभावी रहेगी। IMD के बुलेटिन के अनुसार, प्रभावित राज्यों के कई हिस्सों में दिन भर तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है।
यह स्थिति किसानों और बाहरी काम करने वालों के लिए खतरनाक है। डॉ. नरेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि बादलों के बावजूद, दिल्ली जैसे शहरों में भी ऊष्मा लहर की चेतावनी लागू रहेगी। इसलिए, दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना ही सबसे अच्छा विकल्प है। पानी की कमी और हाइड्रेशन पर ध्यान देना अब जरूरी हो गया है।
पूर्व और दक्षिण: बारिश और समुद्री चेतावनी
मौसम का खेल सिर्फ उत्तर और पश्चिम तक सीमित नहीं है। पूर्वोत्तर भारत में, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। हल्की बारिश हो रही है, लेकिन IMD ने चेतावनी दी है कि इसकी तीव्रता बढ़ सकती है।
निचले इलाकों में जलभराव और कमजोर इलाकों में पहड़ गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं, दक्षिण भारत में केरल, लक्षद्वीप और तटीय कर्नाटक में अगले 4-5 दिनों तक भारी बारिश की उम्मीद है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज हवाओं और बिजली गिरने के साथ बारिश होगी।
समुद्र के बीचों-बीच मौजूद मछुয়ারों के लिए यह खबर जानलेवा हो सकती है। IMD ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मछुआरे समुद्र में न जाएं। लक्षद्वीप में समुद्री स्थिति अत्यंत खतरनाक है।
एल नीनो का खतरा: क्या रिकॉर्ड टूटेंगे?
यहाँ एक बड़ा मोड़ है। अमेरिकी संगठन NOAA (National Oceanic and Atmospheric Administration) ने अनुमान लगाया है कि मई और जुलाई 2026 के बीच 'एल नीनो' (El Nino) की स्थिति बन सकती है। इसके प्रभाव 2027 तक रह सकते हैं।
IMD के विश्लेषण के अनुसार, यह एल नीनो घटना 150 साल के जलवायु रिकॉर्ड तोड़ सकती है। ऐतिहासिक रूप से, एल नीनो के दौरान भारत में मानसून कमजोर होता है और गर्मी बढ़ जाती है। यदि यह भविष्यवाणी सही साबित होती है, तो इसका मतलब है कि अगले कुछ महीनों में जलवायु अस्थिरता और अत्यधिक मौसम घटनाएं सामान्य हो सकती हैं। यह केवल मौसम का मुद्दा नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और जल संसाधनों के लिए एक चुनौती है।
विशेषज्ञों की राय और भविष्य की योजना
श्री रंजन फुकान, विज्ञानि-डी और डॉ. अखिल श्रीवास्तव, विज्ञानि-डी सहित मौसम विभाग के अन्य विशेषज्ञ इस जटिल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वे बताते हैं कि वर्तमान मौसम पैटर्न एक असामान्य संक्रमण काल को दर्शाता है।
देश के विभिन्न हिस्सों में एक साथ अत्यधिक मौसम घटनाएं होना पूर्वानुमान को कठिन बना रहा है। सरकारों और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहना चाहिए। आम नागरिकों के लिए, अपनी स्थानीय मौसम अपडेट्स को नियमित रूप से देखना और आपातकालीन किट तैयार रखना बुद्धिमानी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिल्ली-एनसीआर में 24 मई को मौसम कैसा रहेगा?
24 मई को दिल्ली में दिन भर बादल छाए रहेंगे, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, ऊष्मा लहर की चेतावनी अभी भी लागू है। शाम के समय हल्की बूंदाबांदी या धूल की आंधी की संभावना है। हवाओं की गति 30-50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, इसलिए बाहर निकलते समय सावधानी बरतें।
ऊष्मा लहर की चेतावनी कब तक प्रभावी रहेगी?
राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में ऊष्मा लहर की चेतावनी 26 मई 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि के दौरान तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
एल नीनो का भारत पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
NOAA के अनुसार, मई-जुलाई 2026 के बीच एल नीनो बन सकता है, जिसके प्रभाव 2027 तक रह सकते हैं। ऐतिहासिक रूप से, एल नीनो के दौरान मानसून कमजोर होता है और गर्मी बढ़ती है। यह जलवायु रिकॉर्ड तोड़ सकता है, जिससे कृषि और जल संसाधनों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
मछुआरों के लिए क्या चेतावनी जारी की गई है?
IMD ने केरल, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मछुवारों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी है। तेज हवाओं और बिजली गिरने के खतरे के कारण समुद्री स्थिति अत्यंत खतरनाक है।
पूर्वोत्तर भारत में मौसम की स्थिति क्या है?
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश हो रही है। IMD ने चेतावनी दी है कि बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और कमजोर इलाकों में पहड़ गिरने का खतरा है।