दिल्ली EV नीति 2026: ₹15,000 करोड़ पैकेज और पेट्रोल वाहनों पर रोक
जुल॰, 5 2026
क्या आपने कभी सोचा है कि अगले कुछ सालों में दिल्ली की सड़कों का चेहरा पूरी तरह बदल जाएगा? रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री of दिल्ली सरकार ने 29 जून 2026 को एक ऐसी नीति मंजूर की है जो सिर्फ़ गाड़ियों के इंधन को नहीं, बल्कि हमारे श्वास लेने के तरीके को भी बदल देगी। यह कोई छोटी सी घोषणा नहीं है; यह डेली ईवी पॉलिसी 2026 नामक एक विस्तृत रोडमैप है जो 1 जुलाई 2026 से लागू हो चुका है। इस नीति का लक्ष्य साफ़ है: 2030 तक दिल्ली को 'क्लीन मोबिलिटी' की ओर ले जाना, जहाँ पेट्रोल-डीजल की गंदगी की जगह बिजली की साफ़ ऊर्जा ले ले।
यहाँ बात सिर्फ़ सब्सिडी की नहीं है। सरकारी खजाने से लगभग ₹7,000 करोड़ की सीधी सब्सिडी और कर छूट के साथ, कुल आर्थिक पैकेज ₹15,000 करोड़ तक पहुँच रहा है। लेकिन असली झटका तब आएगा जब पुरानी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर पाबंदियाँ लगेंगी। तो चलिए, समझते हैं कि यह नीति आपके जیب और कार के लिए क्या मायने रखती है।
पैसे की बात: सब्सिडी और कर छूट का नया खेल
सबसे पहले, आइए वित्तीय लाभों की बात करें। अगर आप एक नई इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने की सोच रहे हैं, तो समय बहुत महत्वपूर्ण है। नीति के तहत, ₹2.25 लाख से कम कीमत वाली दोपहिया ईवी पर पहले वर्ष में अधिकतम ₹30,000 की सब्सिडी मिलेगी। ध्यान दें, यह राशि प्रति kWh ₹10,000 की दर से तय की गई है।
लेकिन रुकिए, यह कहानी यहीं समाप्त नहीं होती। दूसरे वर्ष में यह सब्सिडी घटकर ₹20,000 (₹6,600/kWh) हो जाएगी और तीसरे वर्ष में यह और घटकर ₹10,000 (₹3,300/kWh) रह जाएगी। इसका मतलब स्पष्ट है: जल्दी खरीदें, ज्यादा बचत करें।
- दोपहिया ईवी: पहला वर्ष - ₹30,000 तक सब्सिडी
- तीनपहिया ईवी: पहला वर्ष - ₹50,000 तक सब्सिडी
- N1 श्रेणी (लाइट कमर्शियल): पहला वर्ष - ₹1,00,000 तक सब्सिडी
चारपहिया वाहनों के लिए भी सुखद खबर है। ₹30 लाख तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर 31 मार्च 2030 तक 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट दी जाएगी। हाँ, आपने सही सुना—पूरी छूट। हालाँकि, यदि आप 'स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड' कारों की तरफ देख रहे हैं, तो आपको निराशा हो सकती है। कैबिनेट ने हाइब्रिड कारों पर 50% छूट देने वाले प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी, जिसका मतलब है कि अब सिर्फ़ शुद्ध बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEVs) ही इन लाभों के पात्र हैं।
पुरानी गाड़ी बेचें, नई खरीदें: स्क्रैपेज इंसेंटिव
सरकार चाहती है कि आप अपनी पुरानी, प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ी को स्कैप कराएं और नई ईवी लाएं। इसके लिए 'स्क्रैपेज इंसेंटिव' दिया जा रहा है, जो सीधे आपके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए आएगा।
अगर आप पुरानी पेट्रोल या CNG बाइक को इलेक्ट्रिक बाइक से बदलते हैं, तो आपको ₹10,000 तक की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिल सकती है। पुराने CNG ऑटो-रिक्शा को इलेक्ट्रिक तीनपहिया से बदलने पर यह राशि लगभग ₹25,000 तक हो जाती है। सबसे बड़ा झटका चारपहिया वाहनों के मालिकों के लिए है: यदि आप BS-IV पेट्रोल या डीजल कार को स्कैप करके इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, तो आपको ₹1,00,000 तक की प्रोत्साहन राशि मिल सकती है। यह एक ऐसा कदम है जो पुरानी गाड़ियों को सड़कों से हटाकर हवा को साफ करने में मदद करेगा।
आधारभूत ढांचा: चार्जिंग स्टेशनों का विस्फोट
ईवी खरीदने वालों की सबसे बड़ी चिंता हमेशा रही है—"चार्ज कहाँ होगा?" दिल्ली सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। वर्तमान में दिल्ली में लगभग 9,000 सार्वजनिक चार्जिंग पॉइंट हैं, लेकिन नई नीति का लक्ष्य इसे 2030 तक 30,000 से अधिक करना है।
नीति का एक मुख्य उद्देश्य "हर स्थान से 3 किलोमीटर के दायरे" में सार्वजनिक चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराना है। इसका मतलब है कि आपको अब चार्जिंग स्टेशन ढूंढने के लिए सिरदर्द नहीं उठाना पड़ेगा। आवासीय क्षेत्रों, व्यापारिक केंद्रों, कार्यस्थलों और सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर चार्जर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, निवासियों को बिना विशेष सरकारी अनुमति के अपने घर में निजी चार्जर लगाने की अनुमति दी गई है, जो घरों में चार्जिंग को और भी आसान बनाता है।
पेट्रोल-डीजल वाहनों के लिए अंतिम गिनती शुरू
यह वह हिस्सा है जो वाहन निर्माताओं और खरीदारों दोनों के लिए चौंकाने वाला है। दिल्ली सरकार चरणबद्ध तरीके से आंतरिक दहन इंजन (ICE) वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन पर प्रतिबंध लगा रही है।
- 1 जनवरी 2027: इस तिथि के बाद, केवल इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन और 3.5 टन से कम वजन वाले इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के ही नए रजिस्ट्रेशन की अनुमति होगी। इसका मतलब है कि नए पेट्रोल, डीजल या CNG ऑटो-रिक्शा और कई प्रकार के हल्के वाणिज्यिक ICE वाहनों के पंजीकरण पर रोक लग जाएगी।
- 1 अप्रैल 2028: इस तिथि के बाद, सभी नए दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वेरिएंट्स के लिए सुरक्षित होंगे। यानी, 1 अप्रैल 2028 के बाद दिल्ली में नए पेट्रोल चालित स्कूटर और मोटरसाइकिल पंजीकृत नहीं किए जाएंगे।
इसके अलावा, मार्च 2030 तक स्कूल बसों के कुल बेड़े का 30 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक होना चाहिए। ये कदम स्पष्ट संकेत देते हैं कि पेट्रोल-डीजल युग का अंत निकट है।
उद्योग और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
Morgan Stanley जैसे वैश्विक ब्रोकरेज फर्म ने इस नीति को भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए एक बड़े संरचनात्मक बदलाव का संकेत माना है। रिपोर्ट के अनुसार, यह नीति वाहन निर्माताओं को उनके मौजूदा ICE पोर्टफोलियो को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक विकल्पों से बदलने के लिए मजबूर करेगी, जिसमें निवेश, उत्पाद विकास और सप्लाई चेन में बड़े परिवर्तन शामिल होंगे।
हालाँकि, ऑटो-रिक्शा चालकों और छोटे परिवहन ऑपरेटरों में कुछ चिंता भी है। क्या उनकी आय प्रभावित होगी? क्या नई ईवी की लागत उन्हें झेलने योग्य होगी? ये सवाल अभी भी सामने हैं, लेकिन सरकार की ओर से दी गई भारी सब्सिडी और स्क्रैपेज इंसेंटिव इन चिंताओं को कम करने का काम करेंगे, यह उम्मीद की जा रही है।
अगले कदम और भविष्य की दिशा
सरकार ने एक समर्पित 'EV सब्सिडी पोर्टल' भी लॉन्च किया है, जहाँ खरीदार घर बैठे ऑनलाइन सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रक्रिया सरल है: बैंक विवरण दर्ज करें, पासबुक या कैंसिल चेक अपलोड करें, और फिर आवेदन संख्या के जरिए स्थिति ट्रैक करें।
दिल्ली की यह नई नीति केवल एक राजकीय निर्णय नहीं है, बल्कि यह भारत भर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जैसे-जैसे 2027 और 2028 के तिथियाँ नजदीक आ रही हैं, हर वाहन मालिक को सोचना होगा कि क्या वह इस बदलाव का हिस्सा बनना चाहता है या नहीं। समय अब खरीदार के पक्ष में है, लेकिन यह खिड़की तेजी से बंद हो रही है।
Frequently Asked Questions
क्या हाइब्रिड कारों को भी सब्सिडी मिलेगी?
नहीं, नई दिल्ली EV नीति 2026 के तहत स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों को किसी प्रकार की सीधी सब्सिडी नहीं मिलेगी। कैबिनेट ने हाइब्रिड वाहनों पर 50% रोड टैक्स छूट देने वाले प्रस्ताव को भी मंजूरी नहीं दी है। लाभ केवल शुद्ध बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEVs) के लिए ही हैं।
पुरानी पेट्रोल गाड़ी को स्कैप करने पर कितनी राशि मिलेगी?
यह वाहन की श्रेणी पर निर्भर करता है। पुरानी पेट्रोल/CNG बाइक को इलेक्ट्रिक बाइक से बदलने पर ₹10,000 तक, पुराने CNG ऑटो को इलेक्ट्रिक तीनपहिया से बदलने पर ₹25,000 तक, और पुरानी BS-IV पेट्रोल/डीजल कार को इलेक्ट्रिक कार से बदलने पर ₹1,00,000 तक की प्रोत्साहन राशि मिल सकती है।
कब से पेट्रोल बाइकों का नया रजिस्ट्रेशन बंद होगा?
1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में सभी नए दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन केवल इलेक्ट्रिक वेरिएंट्स के लिए खुले रहेंगे। इस तिथि के बाद नए पेट्रोल चालित स्कूटर और मोटरसाइकिल पंजीकृत नहीं किए जाएंगे।
ईवी सब्सिडी कैसे प्राप्त करें?
सरकार द्वारा लॉन्च किए गए 'EV सब्सिडी पोर्टल' के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदनकर्ता को अपना बैंक विवरण दर्ज करना होगा और पासबुक या कैंसिल चेक की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। राशि सीधे DBT के जरिए बैंक खाते में भेजी जाएगी।
क्या पुरानी पेट्रोल गाड़ियां तुरंत बंद हो जाएंगी?
नहीं, मौजूदा पेट्रोल वाहनों पर तत्काल प्रतिबंध नहीं है। प्रतिबंध केवल नए रजिस्ट्रेशन पर चरणबद्ध तरीके से लागू होगा। 1 जनवरी 2027 से तीनपहिया और हल्के कमर्शियल वाहनों पर, और 1 अप्रैल 2028 से दोपहिया वाहनों पर नए रजिस्ट्रेशन के लिए पाबंदियाँ लगेंगी।