भारत यू19 ने पाकिस्तान यू19 को 90 रनों से हराकर रचा इतिहास, 433 रन का रिकॉर्ड बनाया
दिस॰, 14 2025
दुबई के आईसीसी एकेडमी ग्राउंड पर रविवार, 14 दिसंबर 2025 को एक ऐसा मैच खेला गया जिसने युवा क्रिकेट के इतिहास को फिर से लिख दिया। भारत यू19 ने पाकिस्तान यू19 को 90 रनों से धूल चटा दी, और अपनी ओर से 433 रन का रिकॉर्ड बनाया — यह न सिर्फ यू19 एशिया कप का सबसे बड़ा स्कोर है, बल्कि भारत का यू19 ओडीआई में सबसे बड़ा स्कोर भी। ये नंबर तो इतना बड़ा था कि पाकिस्तान की टीम जैसे ही बल्लेबाजी पर उतरी, उनके लिए जीत का सपना दूर हो चुका था।
वैभव सूर्यवंशी ने बनाया अद्भुत शतक
इस जबरदस्त पारी का नायक था वैभव सूर्यवंशी। उन्होंने केवल 95 गेंदों में 171 रन बनाए — एक ऐसा प्रदर्शन जिसमें 17 चौके और 11 छक्के शामिल थे। उनकी बल्लेबाजी इतनी तेज और नियंत्रित थी कि पाकिस्तान के गेंदबाज बस अपनी गेंदें फेंकते रहे, बिना कोई रणनीति बना पाए। उनके बाद विहान मल्होत्रा और एरॉन जॉर्ज ने 69-69 रनों की मजबूत पारियां खेलकर टीम को 433/6 तक पहुंचाया। इस तरह भारत ने 2004 में ढाका में शिखर धवन के 155* के साथ बनाए गए 425/3 के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
पाकिस्तान की बल्लेबाजी बर्बाद, किशन सिंह ने तोड़ी रफ्तार
जब पाकिस्तान यू19 की बल्लेबाजी शुरू हुई, तो ये लगा जैसे एक जहाज बिना पानी के नाव पर चढ़ गया हो। 41.2 ओवर में 150 रन पर सभी विकेट गिर गए। किशन सिंह ने अली राजा को आउट करके टीम को जीत की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सूरी और मधु ने 85 रनों की साझेदारी की, लेकिन ये भी अब बहुत देर हो चुकी थी। जब तक वे बल्लेबाजी कर रहे थे, तब तक आउटपुट इतना बड़ा था कि दर्शक बस इंतजार कर रहे थे कि कब तक ये रिकॉर्ड टूटता है।
स्टेडियम और टूर्नामेंट: दुबई में युवा ताकतों का मुकाबला
ये मैच एसीसी पुरुष यू19 एशिया कप 2025दुबई के ग्रुप स्टेज का पांचवां मैच था। टूर्नामेंट का आयोजन एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) ने किया, और दुबई का आईसीसी एकेडमी ग्राउंड इस बार दक्षिण एशिया के सबसे बड़े युवा क्रिकेटर्स के लिए मंच बना। भारत ने पहले ही 12 दिसंबर को यूएई के खिलाफ इसी मैदान पर मैच जीत लिया था। अब ये जीत उनके टूर्नामेंट के लिए एक शानदार शुरुआत बन गई।
मैच के बाद भी तनाव: कोई हैंडशेक नहीं
लेकिन जब खेल खत्म हुआ, तो वो दृश्य देखकर दिल भारी हो गया — भारत यू19 और पाकिस्तान यू19 के खिलाड़ियों के बीच कोई हैंडशेक नहीं हुआ। ये न सिर्फ एक अनुशासन की कमी थी, बल्कि आईसीसी के स्पोर्ट्समैनशिप के प्रयासों के खिलाफ एक स्पष्ट संकेत भी। इस तरह की घटनाएं पिछले कई वर्षों से इन दो टीमों के बीच के मैचों को घेरे में रखती रही हैं। खिलाड़ी खेल के लिए तो तैयार हैं, लेकिन विरोधी के साथ सम्मान करने के लिए नहीं।
इतिहास का विरासत: रिकॉर्ड और यादें
भारत का पिछला यू19 ओडीआई रिकॉर्ड 425/3 था, जो 2004 में ढाका में शिखर धवन के 155* के साथ बना था। अब वैभव ने उसे तोड़ दिया। यू19 एशिया कप का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर अभी भी बांग्लादेश के सौम्य सरकार का 209 है, जो 2012 में कतर के खिलाफ बनाया गया था। भारत का पिछला टूर्नामेंट रिकॉर्ड हिमांशु राणा का 130 था, जो 2016 में कोलंबो में अफगानिस्तान के खिलाफ बनाया गया था। इस बार वैभव ने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि एक नया मानक बना दिया।
अगला कदम: क्या आगे है?
भारत अब टूर्नामेंट के आगे के दौर में आ गया है। अगला मैच किसके खिलाफ होगा, ये अभी तय नहीं हुआ, लेकिन इस जीत से टीम का आत्मविश्वास चरम पर है। वैभव के जैसे खिलाड़ी अब भारतीय क्रिकेट के लिए भविष्य के बारे में सोचने का कारण बन गए हैं। लेकिन एक बात अभी भी बाकी है — जब दो टीमें आमने-सामने होती हैं, तो क्या खेल के बाद सम्मान करना अभी भी एक सपना है?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या वैभव सूर्यवंशी का यह स्कोर भारतीय यू19 क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ा है?
हाँ, वैभव सूर्यवंशी का 171 रन का स्कोर भारतीय यू19 टीम के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा शतक है। इससे पहले शिखर धवन का 155* रिकॉर्ड था, लेकिन वैभव ने न सिर्फ उसे पार किया, बल्कि 95 गेंदों में इतना तेज स्कोर बनाकर नया मानक बना दिया। ये उनकी शानदार बल्लेबाजी ने भारत को 433 रन तक पहुंचाया, जो यू19 एशिया कप का सबसे बड़ा स्कोर है।
पाकिस्तान यू19 टीम क्यों इतनी आसानी से आउट हो गई?
पाकिस्तान की बल्लेबाजी तब तक ठीक रही जब तक भारत का स्कोर देखकर उनके दिमाग में नहीं आया कि ये टारगेट बिल्कुल असंभव है। 433 रन के बाद उनके बल्लेबाजों को लगा कि बचने के लिए बल्लेबाजी करनी होगी, न कि जीतने के लिए। किशन सिंह और अन्य गेंदबाजों ने जबरदस्त गेंदबाजी की, लेकिन मुख्य कारण ये था कि टीम का मानसिक दबाव बहुत ज्यादा था।
इस मैच के बाद भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक क्यों नहीं हुआ?
हैंडशेक न होना एक नियमित रूप से दोहराया जाने वाला दृश्य है, जिसे आईसीसी ने बार-बार रोकने की कोशिश की है। ये तनाव खेल के बाहर के राजनीतिक और सामाजिक तनावों का परिणाम है। खिलाड़ियों को शायद ये महसूस होता है कि उनका नाम देश का नाम है, और दुश्मन के साथ सम्मान करना राष्ट्रीय गौरव के खिलाफ है। लेकिन ये एक खतरनाक आदत है, जो युवा खिलाड़ियों को गलत संदेश देती है।
भारत यू19 की इस जीत से भविष्य के लिए क्या उम्मीदें हैं?
इस जीत से भारतीय क्रिकेट के लिए एक नया नेता उभरा है — वैभव सूर्यवंशी। उनकी बल्लेबाजी के तरीके, आत्मविश्वास और शांत व्यवहार ने दर्शकों को याद दिलाया कि भारत के युवा खिलाड़ियों में न सिर्फ ताकत है, बल्कि चालाकी भी। अगर ये टीम अगले विश्व कप तक इसी तरह खेलती रही, तो भारत नए युग की शुरुआत कर सकता है।
क्या यह रिकॉर्ड भविष्य में टूट सकता है?
जरूर। अगर भारत या कोई अन्य टीम ऐसे बल्लेबाज पैदा कर दे जो वैभव की तरह तेज और स्थिर रहे, तो ये रिकॉर्ड जल्द ही टूट सकता है। आज के खिलाड़ियों के लिए ये एक लक्ष्य है। लेकिन याद रखें — एक रिकॉर्ड तोड़ने से ज्यादा महत्वपूर्ण है, एक टीम को जीतने की दिशा में ले जाना। वैभव ने दोनों किया।
nithin shetty
दिसंबर 16, 2025 AT 15:05वैभव सूर्यवंशी ने तो बस एक बार में सबकुछ बदल दिया। 95 गेंदों में 171 रन? ये कोई खेल नहीं, ये तो एक आर्टिस्टिक प्रदर्शन है। गेंदबाज़ तो बस घूंट ले रहे थे।
Aman kumar singh
दिसंबर 17, 2025 AT 09:07भारत के युवा खिलाड़ियों ने दुनिया को दिखा दिया कि हमारे पास टैलेंट है, न कि सिर्फ नाराजगी। अब बस ये चाहिए कि हैंडशेक भी हो जाए, तो खेल असली मतलब रखेगा। जीत तो हर कोई कर सकता है, लेकिन सम्मान दिखाना असली बड़ापन है।
UMESH joshi
दिसंबर 19, 2025 AT 05:09इस मैच के बाद एक बात स्पष्ट हो गई - रिकॉर्ड बनाना अच्छा है, लेकिन खेल की भावना बनाए रखना ज्यादा जरूरी है। वैभव की बल्लेबाजी तो देखकर लगा जैसे कोई नए जमाने का आगाज़ हो रहा है। लेकिन जब दो टीमें आमने-सामने होती हैं, तो खेल के बाद एक छोटा सा सम्मान भी दिखाना चाहिए। ये बस एक इंसानियत का सवाल है।
pradeep raj
दिसंबर 20, 2025 AT 15:34इस रिकॉर्ड के पीछे एक व्यवस्थित युवा विकास मॉडल का संकेत छिपा हुआ है - जिसमें बेसिक स्किल्स, डेटा-ड्रिवन ट्रेनिंग, और मेंटल रेसिलिएंस का समन्वय है। वैभव की बल्लेबाजी केवल टैलेंट का परिणाम नहीं, बल्कि एक अच्छी तरह से डिज़ाइन किए गए ट्रेनिंग सिस्टम का उत्पाद है। ये रिकॉर्ड तोड़ने का मामला नहीं, बल्कि एक नए नैतिक और तकनीकी फ्रेमवर्क का उदाहरण है।
M Ganesan
दिसंबर 21, 2025 AT 07:28ये सब बकवास है। ये मैच फिक्स्ड था। दुबई में जब भारत खेलता है, तो हमेशा ऐसा ही होता है। पाकिस्तान के गेंदबाज़ तो बस रोकने के लिए आए थे, लेकिन जब वो जान गए कि इस बार भारत को जीतना है, तो वो बस बैठ गए। ये रिकॉर्ड तो बस एक धोखा है।
Vraj Shah
दिसंबर 21, 2025 AT 17:43वैभव तो बस जबरदस्त था। पाकिस्तान वालों को तो लगा होगा ये खेल नहीं, कोई वीडियो गेम है। अगला मैच भी जीत लेना, बस।
Arjun Kumar
दिसंबर 22, 2025 AT 08:01अरे भाई, ये सब रिकॉर्ड तो बस एक दिन के लिए हैं। अगले साल कोई और 500 रन कर देगा। और हैंडशेक न होना? ये तो हमारी आदत है। पाकिस्तान के साथ तो बस दुश्मन बना रहना है, न कि दोस्त।
RAJA SONAR
दिसंबर 23, 2025 AT 04:33वैभव ने जो किया वो तो एक देवता की तरह था। उसकी बल्लेबाजी ने इतिहास को फाड़ दिया। और पाकिस्तान के खिलाड़ियों का हैंडशेक न देना? वो तो बस एक और दर्द भरा दृश्य। लेकिन हम तो जीते हैं। जीत ने तो सब कुछ ठीक कर दिया।
Mukesh Kumar
दिसंबर 25, 2025 AT 04:28इतना बड़ा स्कोर बनाना तो बहुत बढ़िया है, लेकिन ये टीम के लिए एक नया आत्मविश्वास का शुभारंभ है। अब बस इतना ही चाहिए कि वो खिलाड़ी जो आज जीते, कल एक दूसरे को गले लगा लें। ये खेल है, न कि युद्ध।
Shraddhaa Dwivedi
दिसंबर 26, 2025 AT 02:44वैभव की बल्लेबाजी ने मुझे याद दिलाया कि खेल का मकसद सिर्फ जीतना नहीं, बल्कि अपने देश के युवाओं को गर्व करने का मौका देना है। लेकिन हैंडशेक न होना... ये तो एक नुकसान है। ये बच्चे अभी बड़े नहीं हुए, उन्हें अभी बताना होगा कि खेल के बाद दुश्मन नहीं, दोस्त होते हैं।