8वें वेतन आयोग: उम्र-आधारित पेंशन काने 100% तक बढ़ाने काना प्रस्ताव
जून, 14 2026
सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्तों के लिए एक नया दौर शुरू हो रहा है। रंजना प्रकाश देसाई, अध्यक्ष of 8वां केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्षता में चल रही प्रक्रिया ने पेंशन संरचना को लेकर एक बड़ा मुद्दा सतह पर ला दिया है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने 'उम्र-आधारित पेंशन' का ऐसा मॉडल रखा है, जहां 90 साल की उम्र में पेंशन सक्रिय सेवा के वेतन के बराबर यानी 100% हो जाएगी। यह प्रस्ताव तब आया है जब आयोग अभी अपनी शुरुआती चरण में है और लाखों लोगों की आर्थिक सुरक्षा का फैसला करने वाला है।
वैसे तो पेंशन की गणना अंतिम वेतन (Last Pay Drawn) के 50% पर ही होती है, लेकिन बुढ़ापे में बढ़ते स्वास्थ्य खर्चों को देखकर यह मांग पूरी तरह तार्किक लगती है। यही वह बिंदु है जहां वर्तमान व्यवस्था और कर्मचारियों की अपेक्षाओं के बीच खाई दिखती है।
उम्र के साथ पेंशन में वृद्धि: विस्तृत फॉर्मूला
नेशनल काउंसिल जेसीएम (NC-JCM) की स्टाफ साइड और अन्य पेंशनभोगी संगठनों ने एक पैनल के सामने जो प्रस्ताव रखा है, वह चरणबद्ध तरीके से पेंशन बढ़ाने पर आधारित है। इसका तर्क सरल है: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, व्यय बढ़ता है, इसलिए पेंशन भी बढ़नी चाहिए।
प्रस्तावित ढांचे के अनुसार:
- 65 वर्ष की आयु: पेंशन अंतिम वेतन के 70% तक बढ़ेगी।
- 70 वर्ष की आयु: पेंशन का स्तर 75% हो जाएगा।
- 75 वर्ष की आयु: पेंशन 80% तक पहुंचेगी।
- 80 वर्ष की आयु: पेंशन 85% होगी।
- 85 वर्ष की आयु: पेंशन 90% तक बढ़ेगी।
- 90 वर्ष या उससे अधिक: पेंशन अंतिम वेतन के 100% के बराबर होगी।
संसदीय स्थायी समिति की उन सिफारिशों का हवाला दिया गया है, जिसमें हर पांच वर्ष में पेंशन में सुधार की बात कही गई थी। इस मॉडल से वृद्धावस्था में आर्थिक असुरक्षा कम होगी, लेकिन इसका सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसे लागू करने का वित्तीय बोझ कौन उठाएगा?
आठवें वेतन आयोग का गठन और दायरा
3 नवंबर 2025 को केंद्र सरकार ने आधिकारिक रूप से आठवें वेतन आयोग का गठन अधिसूचित किया था। इस आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली के जनपथ स्थित चंद्रलोक बिल्डिंग में है। आयोग में कुल 20 सदस्य शामिल हैं, जिनमें प्रोफेसर पुलक घोष (अंशकालिक सदस्य) और पंकज जैन (सदस्य-सचिव) भी शामिल हैं।
आयोग का काम सिर्फ वेतन बढ़ाना नहीं है। उसे भत्तों, बोनस, राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) और यहां तक कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली पर भी विचार करना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयोग को ऐसे वेतन ढांचे की सिफारिश करनी है जो सरकारी सेवा में प्रतिभा और दक्षता को आकर्षित करे।
सार्वजनिक भागीदारी और ऑनलाइन पोर्टल
सरकार चाहती है कि हर कर्मचारी और पेंशनभोगी अपनी राय रखे। इसके लिए 8pc.gov.in नामक एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया है। 5 मार्च 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक लोग इस पोर्टल पर लॉगिन करके 18 प्रश्नों वाली प्रश्नावली भर सकते हैं। ध्यान दें कि केवल ऑनलाइन सुझाव ही स्वीकार किए जाएंगे; ईमेल या पीडीएफ वाले ज्ञापन मान्य नहीं होंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) 3.25 से 3.83 के बीच रहता है, तो बेसिक वेतन में 92% से लेकर 283% तक की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, ये अनुमान मात्र संभावित परिदृश्य हैं, आधिकारिक संख्याएं आयोग की रिपोर्ट पर निर्भर करेंगी।
भविष्य की समयरेखा और प्रभाव
आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीने के भीतर, यानी मई 2027 तक सौंपनी है। नियम के अनुसार, यदि सब कुछ ठीक से होता है, तो नए वेतन और पेंशन संरचना 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जा सकती है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को एरियर्स (Arrears) भी मिल सकते हैं।
सरकार ने हाल ही में कहा है कि "पेंशन संशोधन का कोई प्रस्ताव विचारधीन नहीं है," लेकिन आयोग के दायरे में पेंशन शामिल होने का मतलब यह है कि भविष्य में बदलाव जरूर आएंगे। क्या उम्र-आधारित पेंशन का यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाएगा? इसका उत्तर आयोग की अंतिम रिपोर्ट में छिपा है।
Frequently Asked Questions
उम्र-आधारित पेंशन प्रस्ताव क्या है?
यह एक प्रस्ताव है जिसमें पेंशनभोगी की उम्र बढ़ने के साथ उनकी पेंशन की राशि बढ़ेगी। 65 वर्ष की उम्र से शुरू होकर यह 90 वर्ष की उम्र में अंतिम वेतन के 100% तक पहुंच जाएगी। इसका उद्देश्य वृद्धावस्था में बढ़ते खर्चों को पूरा करना है।
8वां वेतन आयोग कब तक अपनी रिपोर्ट देगा?
आयोग को 18 महीने की समय सीमा दी गई है, जिसका अर्थ है कि वह मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है। हालांकि, आवश्यकता पड़ने पर वह अंतरिम रिपोर्ट भी भेज सकता है।
क्या पुरानी पेंशन योजना (OPS) वापस लाई जाएगी?
आयोग के दायरे में OPS की बहाली पर विचार करना शामिल है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। आयोग की सिफारिशों के बाद ही इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा।
कर्मचारी कैसे अपना सुझाव दे सकते हैं?
कर्मचारी और पेंशनभोगी 8pc.gov.in पोर्टल पर जाकर लॉगिन कर सकते हैं। 5 मार्च 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध 18 प्रश्नों वाली प्रश्नावली को भरकर अपना सुझाव दर्ज किया जा सकता है। केवल ऑनलाइन सुझाव ही स्वीकार किए जाएंगे।
वेतन में कितनी वृद्धि की उम्मीद है?
विश्लेषकों के अनुसार, यदि फिटमेंट फैक्टर 3.25 से ऊपर रहता है, तो वेतन में 92% से 283% तक की वृद्धि संभव है। लेकिन यह अंतिम संख्या आयोग की सिफारिशों और सरकार के वित्तीय बजट पर निर्भर करेगी।